विशाल_सरोज
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आंसू
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आंसू
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सोमवार, 24 मई 2021
और कुछ भी नही
तन्हाई है, बेबसी है
और कुछ भी नही,
आंसुओं का साथ है
और कुछ भी नही,
जब तुम थी मेरे साथ,
तो सिर्फ तुम थी,
अब बस तेरी याद है
और कुछ भी नही.
रविवार, 16 मई 2021
आंसू किसी का गिरा होगा
यू ही नही है समंदर खारा,
आंसू किसी का गिरा होगा.
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