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सोमवार, 18 अक्टूबर 2021

मिन्नतों के बाद खुदा ने मिलाया था उसे

एक तन्हा शाम चाय पर देखा था उसे,
बड़ी चाहत भरी नजरों से देखा था उसे,

अफसोस आज फिर वही तन्हा शाम है,
मिन्नतों के बाद खुदा ने मिलाया था उसे.

बात भी नही करती वो

पहली बार देखा था,
चाय पर मिली थी वो,

आज कल नाराज़ है,
बात भी नही करती वो.

रविवार, 23 मई 2021