विशाल_सरोज
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बारिश
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बारिश
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गुरुवार, 20 मई 2021
हल्की धूप सी
रात के बाद ..
नई सुबह .. ..
बारिश के बाद,
हल्की धूप सी.
हम बारिश में भीगा करते थे
अब तो चेहरा भी याद नही,
जिन्हें पर्स में लिए फिरते थे,
कभी जिनके फूलों के खातिर,
हम बारिश में भीगा करते थे.
शुक्रवार, 14 मई 2021
चाहतों का पैगाम लाया है
मौसम-ए-बारिश आया है,
चाहतों का पैगाम लाया है.
गुरुवार, 13 मई 2021
और थे जज़्बात
बारिश थी,
तुम थी,
मैं था,
और
थे जज़्बात.
इश्क़ में भीगे जज़्बात..
बारिश में भीगे हम-तुम,
इश्क़ में भीगे जज़्बात..
सोमवार, 10 मई 2021
इश्क़ में भीगे हम-तुम
खूब जोर से हो बारिश,
इश्क़ में भीगे हम-तुम.
गुरुवार, 6 मई 2021
लगती हो इठलाती, इतराती हुई
तुझे देखता हूँ ऐ नदी जब यूँ सूखी हुई,
लगता है गलती कुछ हमसे ही हुई,
जब बहती हो तुम बारिश में कलकलाती हुई,
लगती हो इठलाती, इतराती हुई.
शुक्रवार, 30 अप्रैल 2021
कि रोती है मां, तुम्हे आंचल में छुपा कर
ये बारिश नहीं प्रकृति का विलाप है,
कि रोती है मां, तुम्हे आंचल में छुपा कर.
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