विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
पानी
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पानी
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मंगलवार, 25 मई 2021
हमेशा सफर में पाओगे
मुझे छोड़ भी जाओगे,
तो भी आबाद पाओगे,
बहते पानी सा हूं, मुझे
हमेशा सफर में पाओगे.
रविवार, 23 मई 2021
जी सकते है ज़िन्दगी
बोतल बंद पानी सी
हो गई है ज़िन्दगी,
कीमत चुका कर ही
जी सकते है ज़िन्दगी.
मंगलवार, 18 मई 2021
बैठी है न, उसे दे जाना
ये भैया! बहते पानी, सुनो
हमारी चिठ्ठी बहा ले जाना,
वो घाट पर खोई सी लड़की
बैठी है न, उसे दे जाना.
सोमवार, 26 अप्रैल 2021
शाम में....मैं विशाल..
शाम में..
महसूस करता हूँ मैं,
मद्धिम पवन,
शीतल जल,
महसूस करता हूँ मैं,
चहकते पंछी,
नाचती तितलियां,
महसूस करता हूँ मैं,
खिलते फूल,
गुनगुनाते भंवरे,
महसूस करता हूँ मैं,
निश्छल प्रेम,
निस्वार्थ समर्पण..
नदी किनारे,
तेरी यादों के संग,
महसूस करता हूं,
खुद ही को बस,
शाम में....
मैं विशाल..
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