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सोमवार, 18 अक्टूबर 2021

अभी तो पूरा आसमान बाकी है

अभी तो चलना शुरू किया है,
अभी तो पूरा सफर बाकी है,

अभी तो आई है कश्ती समंदर में,
अभी तूफानों से टकराना बाकी है,

अभी तो बस खोले है पंख थोड़े,
अभी तो पूरा आसमान बाकी है.

गुरुवार, 20 मई 2021

खुदा मिला है

जब तक जिंदा है,
सिलसिला है ..

मौत पर मेरी,
किसको गिला है ..

कहाँ किसी को मुकम्मल
जहान मिला है ..

गुरबत में हसीं फूल,
कहाँ खिला है ..

भटकते ही कटी ज़िन्दगी,
कहाँ किसी को
खुदा मिला है.