विशाल_सरोज
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गुरुवार, 3 जून 2021
मोहब्बत को पाक़ मानने वालों
ये तुम उर्दू को जानने वालों,
ग़ालिब, तक़ी को मानने वालों,
ये तुम मिरे सूफ़ी कुछ कहो तो,
मोहब्बत को पाक़ मानने वालों.
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