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सोमवार, 31 मई 2021

एक दफ़ा आप इन्हें गले लगा लीजिए

राहों की दुश्वारियों का क्या कीजिए,
इन अंधेरी तन्हा रातों का क्या कीजिए,

इन्हें कभी कोई भी गले नही लगाता,
एक दफ़ा आप इन्हें गले लगा लीजिए.

मंगलवार, 25 मई 2021

फ़िर भी अभी एहतियात जरूरी है

तैयारियों की स्याह रात जरूरी है,
जंग से पहले मुलाक़ात जरूरी है,

ये तय है आखरी जंग तुमसे होगी,
फ़िर भी अभी एहतियात जरूरी है.

रविवार, 23 मई 2021

बेकसूर ही तड़प रहे है तुम बिन

कटती नही रातें तुम बिन,
करवटें बदल रहे है तुम बिन,

कोई हसीं ख़ता ही की होती,
बेकसूर ही तड़प रहे है तुम बिन.

इश्क़ में इश्क़ कर बैठे रात के साथ

तेरी याद गहराती है रात के साथ,
दर्द बढ़ता जाता है रात के साथ,

मुझे सख्त नपसंद थी रात, पर तेरे
इश्क़ में इश्क़ कर बैठे रात के साथ.

शनिवार, 22 मई 2021

चांद तन्हा पिघलता है

कभी तो रही होगी
मोहब्बत इनके बीच,

तभी तो..

दिन के सूनेपन में
सूरज तन्हा जलता है,

रात की खामोशी में
चांद तन्हा पिघलता है.

गुरुवार, 13 मई 2021

क्रिकेट, पंचांग के बारे में बतलाए थे

कल रात ख्वाब में 'विश्वास' आए थे,
पानी की बोतल भी साथ लाए थे,
हुआ न मशवरा कोई कविता, शायरी का,
क्रिकेट, पंचांग के बारे में बतलाए थे.

सोमवार, 10 मई 2021

मैं रात का इंतज़ार करता हूं

जब तन्हाई से बात करता हूं,
तेरा ज़िक्र हर बार करता हूं,

तन्हाई तुझ में खोई रहती है,
मैं रात का इंतज़ार करता हूं.

परत दर परत

रात के सूनेपन में
खुद से मिलता हूं,

उघाड़ता हूं खुद को
परत दर परत .. ..

गुरुवार, 29 अप्रैल 2021