विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
आवाज
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
आवाज
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
गुरुवार, 3 जून 2021
तुम मधुर संगीत सी हो
तुम मेरे मीत सी हो,
तुम मेरे गीत सी हो,
आवाज़ों के जंगल में,
तुम मधुर संगीत सी हो.
शुक्रवार, 28 मई 2021
मैं किसी का साज़ बन जाता हूं
किसी की आवाज़ बन जाता हूं,
मैं किसी का साज़ बन जाता हूं.
पुराने पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
संदेश (Atom)