विशाल_सरोज
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नज़र
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शुक्रवार, 28 मई 2021
कितने गिर गए हम
जबसे मर गए हम,
रुसवा कर गए हम,
ज़माने की नज़र में,
कितने गिर गए हम.
शनिवार, 22 मई 2021
साथ नज़र आए
साथ वही है जो,
साथ नज़र आए.
गुरुवार, 20 मई 2021
आज क़त्ल कर ही देंगे मुझे
ये मदहोश नज़रें और ये समां,
आज क़त्ल कर ही देंगे मुझे.
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