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सोमवार, 26 अप्रैल 2021

कल हम भी बेपरवाह थे तुम्हारी तरह

आज बूढ़े है, कल जवान थे तुम्हारी तरह,
हम भी किसी की धड़कन थे तुम्हारी तरह,

आओ सुनो, हर झुर्री की एक कहानी है,
कल हम भी बेपरवाह थे तुम्हारी तरह.