विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
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मंगलवार, 9 अगस्त 2022
अभी हस्ती नई-नई है
तुम्हारे शहर में नए है,
अभी पहचान नई है,
मशहूर होंगे एक दिन,
अभी हस्ती नई-नई है.
मंगलवार, 18 मई 2021
जान लौट आई शहर में
आज बहार आई शहर में,
रौनक लौट आई शहर में,
बेक़रार हैं कि आज मेरी,
जान लौट आई शहर में.
बुधवार, 28 अप्रैल 2021
मुझे ढूंढती तो होंगी
सोचता हूं..
शहर के बियाबां से,
गांव की ओर,
कोई पगडंडी जाती तो होगी,
आज भी बूढ़े बरगद की आंखें,
मुझे ढूंढती तो होंगी.
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