विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
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मंगलवार, 18 मई 2021
उड़ जाना चाहता हूं
इन पेड़ों, पहाड़ों में
खो जाना चाहता हूं,
चिड़िया के मानिन्द
उड़ जाना चाहता हूं.
मंगलवार, 20 अप्रैल 2021
जो मुझे बुलाता है
कुछ तो है इन पहाड़ों में,
जो मुझे लुभाता है,
पुराना प्यार है शायद,
जो मुझे बुलाता है.
हिमालय की तलहटी में एक घर हो
हिमालय की तलहटी में एक घर हो,
छोटा दालान हो, वृहद चारागाह हो,
नीला आसमान हो, ऊँचा पहाड़ हो,
हिमालय की तलहटी में एक घर हो.
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