विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
आजादी
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
आजादी
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
मंगलवार, 20 अप्रैल 2021
गांव अपना छोड़ आया
अनमोल खजाना छोड़ आया,
अपनी आजादी छोड़ आया,
मैं दो जून की रोटी को
गांव अपना छोड़ आया,
मिट्टी की सौंधी खुशबू,
आमों के बाग छोड़ आया,
नदिया का बहता पानी,
बूढ़ी मां को छोड़ आया,
पिंजरे से घर के खातिर,
मंदिर अपना छोड़ आया.
मैं दो जून की रोटी को,
गांव अपना छोड़ आया.
पुराने पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
संदेश (Atom)