विशाल_सरोज
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मेंहदी
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मेंहदी
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शनिवार, 5 जून 2021
ये लबों की लाली
पागल कर रही हैं,
तेरी आंखें काली,
मेंहदी की खुशबू,
ये लबों की लाली.
गुरुवार, 29 अप्रैल 2021
मुझ में तुम
खुशनुमा शाम,
शाम में मंडप,
मंडप में तुम,
गुलाबी साड़ी,
साड़ी में घूंघट,
घूंघट में तुम,
सुर्ख चेहरा,
चेहरा पे हंसी,
हंसी में तुम,
झुकी आंखें,
आंखों में काजल,
काजल में तुम,
नाजुक हाथ,
हाथों में मेंहदी,
मेंहदी में तुम,
सात वचन,
वचनों में मैं,
मुझ में तुम.
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