विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
समझ
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
समझ
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
गुरुवार, 3 जून 2021
तब साथ निभाऊंगा, इश्क़ हूं
समझ नही आऊंगा, इश्क़ हूं,
दूर चला जाऊंगा, इश्क़ हूं,
जब तन्हा होगे यार के बिन,
तब साथ निभाऊंगा, इश्क़ हूं.
पुराने पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
संदेश (Atom)