विशाल_सरोज
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क़ायनात
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गुरुवार, 20 मई 2021
तेरे में हिस्से क़ायनात लिख दूं
तेरी बिंदी को दिन लिख दूं,
तेरे काजल को रात लिख दूं,
तू साथ देने का वादा तो कर,
तेरे में हिस्से क़ायनात लिख दूं.
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