विशाल_सरोज
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रुत
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रुत
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मंगलवार, 18 मई 2021
या फिर तुम को मरना होगा
अब बात नही कोई डरने की,
अब आई है रुत मरने की,
या तो तुम को लड़ना होगा,
या फिर तुम को मरना होगा.
रविवार, 25 अप्रैल 2021
याद तुम्हारी लाई है
घनघोर घटा छाई है,
आंख मेरी भर आई है,
ये हसीं रुत संग अपने,
याद तुम्हारी लाई है.
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