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मंगलवार, 18 मई 2021

या फिर दुनिया तुम्हारी नही होती

दोस्ती किताबों की अच्छी नही होती,
या तो तुम दुनिया के नही होते,
या फिर दुनिया तुम्हारी नही होती.

रविवार, 16 मई 2021

मंगलवार, 20 अप्रैल 2021

तू लिख कर मुकम्मल कर दे मुझे

बिखरा हूं कई पन्नों में, समेट ले मुझे,
कि मैं एक किताब हूं, पढ़ ले मुझे,

चाहता हूं तेरे इश्क़ में 'ख़त' हो जाना,
तू लिख कर मुकम्मल कर दे मुझे.