विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
पतझड़
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
पतझड़
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
मंगलवार, 20 अप्रैल 2021
तू ही गुमां
मैं जमीं, तू आसमां,
मैं पतझड़, तू समां,
है तू ही मेरा यकीं,
तू ही मेरा गुमां.
पुराने पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
संदेश (Atom)