विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
तुम
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
तुम
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
शुक्रवार, 18 जून 2021
हासिल कर लोगे उनको
हम सजदा करे उनको,
हम प्यार करे उनको,
तुम हथेलियों की लकीरों से,
हासिल कर लोगे उनको.
हमारी हार का ज़िक्र ज़माने में पाओगे
तुम जीत कर भी भुला दिए जाओगे,
हमारी हार का ज़िक्र ज़माने में पाओगे.
शनिवार, 5 जून 2021
तुम में कुछ हम भी है
हम में कुछ तुम भी हो,
तुम में कुछ हम भी है.
रविवार, 30 मई 2021
तुम क्या जीतोगे मुझसे
मैं क्या लड़ूंगा, और
तुम क्या जीतोगे मुझसे.
मंगलवार, 25 मई 2021
तुम सा हो गया हूं
पहले मैं क्या था,
अब क्या हो गया हूं,
तुम से लड़ते-लड़ते,
तुम सा हो गया हूं.
सोमवार, 24 मई 2021
और कुछ भी नही
तन्हाई है, बेबसी है
और कुछ भी नही,
आंसुओं का साथ है
और कुछ भी नही,
जब तुम थी मेरे साथ,
तो सिर्फ तुम थी,
अब बस तेरी याद है
और कुछ भी नही.
रविवार, 23 मई 2021
दूर हो
क्यों तुम,
मजबूर हो,
क्यों इतनी
मगरूर हो,
क्यों मैं,
तन्हा हूं,
क्यों तुम
दूर हो.
बेकसूर ही तड़प रहे है तुम बिन
कटती नही रातें तुम बिन,
करवटें बदल रहे है तुम बिन,
कोई हसीं ख़ता ही की होती,
बेकसूर ही तड़प रहे है तुम बिन.
शनिवार, 22 मई 2021
तो हर सफर सुहाना
हमसफ़र हो तुम सा,
तो हर सफर सुहाना.
गुरुवार, 20 मई 2021
शनै: शनै: बीतते हम
शनै: शनै: बढ़ते तुम,
शनै: शनै: बीतते हम.
गुरुवार, 13 मई 2021
और थे जज़्बात
बारिश थी,
तुम थी,
मैं था,
और
थे जज़्बात.
रविवार, 9 मई 2021
तुम
शाम की
ठंडक..
नदी का
किनारा
और
तुम !
सोमवार, 26 अप्रैल 2021
तेरे चाहने वाले बाकी सारे होंगे
चांद होगा, सितारें होंगे,
महफ़िल में दोस्त सारे होंगे,
एक हमी न होंगे वहां,
तेरे चाहने वाले बाकी सारे होंगे.
मंगलवार, 20 अप्रैल 2021
ये झील सी गहरी आंखें, आंखों में काजल काला
ये झील सी गहरी आंखें,
आंखों में काजल काला,
ये सुर्ख लाल से लब,
लबों पे मय का प्याला,
ये प्यारा सा बर्थडे,
बर्थडे पे केक चॉकलेट वाला,
ये छुही मुही सी तुम,
और मैं तुमको चाहने वाला,
ये झील सी गहरी आंखें,
आंखों में काजल काला.
बड़े प्यारे से लगते हो
पत्तियों से झांकता गुलाब,
और खिड़की में खड़ी तुम,
दोनों एक से लगते हो,
बड़े प्यारे से लगते हो.
पुराने पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
संदेश (Atom)