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गुरुवार, 3 जून 2021

तब साथ निभाऊंगा, इश्क़ हूं

समझ नही आऊंगा, इश्क़ हूं,
दूर चला जाऊंगा, इश्क़ हूं,

जब तन्हा होगे यार के बिन,
तब साथ निभाऊंगा, इश्क़ हूं.

सोमवार, 24 मई 2021

और कुछ भी नही

तन्हाई है, बेबसी है
और कुछ भी नही,
आंसुओं का साथ है
और कुछ भी नही,

जब तुम थी मेरे साथ,
तो सिर्फ तुम थी,
अब बस तेरी याद है
और कुछ भी नही.

शनिवार, 8 मई 2021

फिर एक बार तेरा साथ चाहता हूं

आखिरी मुलाक़ात चाहता हूं,
तेरे साथ एक शाम चाहता हूं,

कुछ पल का ही सही .. फिर,
एक बार तेरा साथ चाहता हूं.