विशाल_सरोज
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समंदर
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सोमवार, 18 अक्टूबर 2021
अभी तो पूरा आसमान बाकी है
अभी तो चलना शुरू किया है,
अभी तो पूरा सफर बाकी है,
अभी तो आई है कश्ती समंदर में,
अभी तूफानों से टकराना बाकी है,
अभी तो बस खोले है पंख थोड़े,
अभी तो पूरा आसमान बाकी है.
सोमवार, 31 मई 2021
तूफ़ां एक अंदर है
कश्ती है समंदर है,
तूफ़ां एक अंदर है.
रविवार, 16 मई 2021
आंसू किसी का गिरा होगा
यू ही नही है समंदर खारा,
आंसू किसी का गिरा होगा.
ये दिल के अंदर का
लहरों की मौजों से न,
पूछो दर्द समंदर का,
अपनो ने दिया है जख्म,
ये दिल के अंदर का.
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