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बुधवार, 2 जून 2021

अनंत है इच्छायें

न पूरा आसमाँ
ही मिला किसी को,
न पूरी ही हुई
किसी की इच्छायें,

पर फिर भी उड़ना
कहाँ मना है, ये
आसमाँ अनंत है,
अनंत है इच्छायें.

एक ज़मीं मेरी भी है

छोड़ गया वो मुझे तो,
कुछ कमी मेरी भी है,

है तिरा पूरा आस्मां,
एक ज़मीं मेरी भी है.

बुधवार, 28 अप्रैल 2021

गुरुवार, 22 अप्रैल 2021

इश्क़ में कहां कोई सोता है

इश्क़ बेवजह होता है, तभी तो,
आसमां ज़मीं के लिए रोता है,

कहते हो ख्वाबो में आओगे,
इश्क़ में कहां कोई सोता है.