विशाल_सरोज
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लहर
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रविवार, 16 मई 2021
ये दिल के अंदर का
लहरों की मौजों से न,
पूछो दर्द समंदर का,
अपनो ने दिया है जख्म,
ये दिल के अंदर का.
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