विशाल_सरोज
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गुरुवार, 13 मई 2021
साक्षर तो किसी और के हो गए
हम सब पुराने हो गए,
बच्चे सब अंग्रेज़ हो गए,
लोक गीतों में ही ज़िंदा है,
फ़िल्मी गीत तो अंग्रेज़ी हो गए,
निरक्षरों ने सहेजा है 'मां हिंदी' को,
साक्षर तो किसी और के हो गए.
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