विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
चेहरा
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चेहरा
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गुरुवार, 20 मई 2021
हम बारिश में भीगा करते थे
अब तो चेहरा भी याद नही,
जिन्हें पर्स में लिए फिरते थे,
कभी जिनके फूलों के खातिर,
हम बारिश में भीगा करते थे.
रविवार, 16 मई 2021
मेरे चांद सा तेरा चेहरा
रात के स्याह अंधेरे में,
मेरे चांद सा तेरा चेहरा.
गुरुवार, 29 अप्रैल 2021
मुझ में तुम
खुशनुमा शाम,
शाम में मंडप,
मंडप में तुम,
गुलाबी साड़ी,
साड़ी में घूंघट,
घूंघट में तुम,
सुर्ख चेहरा,
चेहरा पे हंसी,
हंसी में तुम,
झुकी आंखें,
आंखों में काजल,
काजल में तुम,
नाजुक हाथ,
हाथों में मेंहदी,
मेंहदी में तुम,
सात वचन,
वचनों में मैं,
मुझ में तुम.
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