विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
दिल
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रविवार, 10 अप्रैल 2022
इतनी जल्दी भी क्या है
जी भर के देख ले उन्हें,
ऐ ज़िन्दगी! थोड़ा ठहर,
इतनी जल्दी भी क्या है,
ख़लल न हो ईबादत में,
ऐ दिल! आहिस्ते धड़क,
इतनी जल्दी भी क्या है,
थोड़ा रो ले, इश्क़ में है,
ऐ वक़्त! तुझे जाने की,
इतनी जल्दी भी क्या है.
शनिवार, 5 जून 2021
ओ सजनी तेरे लिए
पागल है मेरा दिल,
ओ सजनी तेरे लिए.
गुरुवार, 3 जून 2021
इश्क़ के सिवा कुछ करने नही देता
तेरा इश्क़ मुझे जीने नही देता,
ये सावन मुझे मरने नही देता,
करू भी तो करू क्या, ये मेरा दिल
इश्क़ के सिवा कुछ करने नही देता.
बुधवार, 2 जून 2021
हम बेवफाओं के शहर में है
एक और दिल की ज़रूरत है,
हम बेवफाओं के शहर में है.
सोमवार, 17 मई 2021
एक बार फिरसे दिल लगा लेते है
चलो कह दो तुम अपने दिल की,
हम भी हाल-ए-दिल बता देते है,
चलो कर भी दो तुम मुआफ़ हमें,
एक बार फिरसे दिल लगा लेते है.
शुक्रवार, 14 मई 2021
इज़हार-ए-इश्क़ फ़रमाते रहिए
प्यार करते है तो जताते रहिए,
हाल-ए दिल भी बताते रहिए,
ज़नाब, खुश करने महबूब को,
इज़हार-ए-इश्क़ फ़रमाते रहिए.
गुरुवार, 22 अप्रैल 2021
बस गीत तेरे ही गाऊ मैं
तुझे ओढ़ कर सो जाऊ मैं,
तेरे सपनों में खो जाऊ मैं,
है अब यही दिल की तमन्ना,
बस गीत तेरे ही गाऊ मैं.
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