विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
वादा
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
वादा
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
गुरुवार, 20 मई 2021
तेरे में हिस्से क़ायनात लिख दूं
तेरी बिंदी को दिन लिख दूं,
तेरे काजल को रात लिख दूं,
तू साथ देने का वादा तो कर,
तेरे में हिस्से क़ायनात लिख दूं.
रविवार, 16 मई 2021
अब ख्वाबों में मिलेंगे
कुछ किताबों में मिलेंगे,
कुछ वादों में मिलेंगे,
बिखर गए है तेरे बिना,
अब ख्वाबों में मिलेंगे.
पुराने पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
संदेश (Atom)