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गुरुवार, 29 अप्रैल 2021

मेरी होतीं मेरी रातें

भरी शरारत करती बातें,
गहरी नीली तेरी आंखें,

बेहतर होता ना होती ग़र,
मेरी होतीं मेरी रातें.

मुझ में तुम

खुशनुमा शाम,
शाम में मंडप,
मंडप में तुम,

गुलाबी साड़ी,
साड़ी में घूंघट,
घूंघट में तुम,

सुर्ख चेहरा,
चेहरा पे हंसी,
हंसी में तुम,

झुकी आंखें,
आंखों में काजल,
काजल में तुम,

नाजुक हाथ,
हाथों में मेंहदी,
मेंहदी में तुम,

सात वचन,
वचनों में मैं,
मुझ में तुम.

मंगलवार, 20 अप्रैल 2021

ये झील सी गहरी आंखें, आंखों में काजल काला

ये झील सी गहरी आंखें,
आंखों में काजल काला,

ये सुर्ख लाल से लब,
लबों पे मय का प्याला,

ये प्यारा सा बर्थडे,
बर्थडे पे केक चॉकलेट वाला,

ये छुही मुही सी तुम,
और मैं तुमको चाहने वाला,

ये झील सी गहरी आंखें,
आंखों में काजल काला.