कि दिन निकलने को है.
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मंगलवार, 25 मई 2021
गुरुवार, 20 मई 2021
तेरे में हिस्से क़ायनात लिख दूं
तेरी बिंदी को दिन लिख दूं,
तेरे काजल को रात लिख दूं,
तू साथ देने का वादा तो कर,
तेरे में हिस्से क़ायनात लिख दूं.
मेरी हमनशीं तेरे बिना
दिन अधूरा तेरे बिना,
शाम सुनी तेरे बिना,
बेनिशाँ है ये ज़िन्दगी,
मेरी हमनशीं तेरे बिना.
सोमवार, 17 मई 2021
मैं भी डूब सा जाता हूं
तू मिलती थी कभी जहां,
मैं उसी रेस्तरां जाता हूं,
डूबते हुए दिन के साथ,
मैं भी डूब सा जाता हूं.
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