गुरुवार, 28 सितंबर 2023

थोड़ा ठहरो, मौसम का मजा लो

इन नजारों को आंखों में बसा लो,
थोड़ा ठहरो, मौसम का मजा लो.

जो तुम्हें हम, यार हार गए

जीत कर भी यार हार गए,

जो तुम्हें हम, यार हार गए.

बस मत लेना नाम मेरा

सब कुछ ले लो तुम मेरा,

बस मत लेना नाम मेरा.

क्या बताए पांव में कितने छाले पड़े हैं

राह-ए-तबाही पर चल पड़े हैं, तुम्हें

क्या बताए पांव में कितने छाले पड़े हैं.

कि मन भीग जाए

बरसो रे! बदरा, बरसो

कि मन भीग जाए.

तुमसे बिछड़ जाने को दिल चाहता है

अब मर जाने को दिल चाहता है,

तुमसे बिछड़ जाने को दिल चाहता है.

कितना तुम्हें ये दिल चाहता है

काश कि तुम समझ पातीं,

कितना तुम्हें ये दिल चाहता है.

पर चाहती हैं हम सलीके से पेश आएं

शराब है, नशा है,

और वो भी हैं, पर चाहती हैं हम सलीके से पेश आएं.

पूछते हैं वो कि कब का इरादा है

हमने कहा ..

मर जाने को दिल चाहता है, पूछते हैं वो कि कब का इरादा है.

उस शाम में रहा

 कोई एक हसीं शाम,

तेरे साथ गुजारी थी, फिर तमाम उम्र मैं, उस शाम में रहा.

सीने से लग जाने दे मुझे

मैं बेवफा हूं

जाने दे मुझे, तेरे काबिल नही, मर जाने दे मुझे, इतना प्यार कोई नही करेगा मुझे, सीने से लग जाने दे मुझे.

वो इंतजार करते रहे

हम इकरार करते रहे,

वो प्यार करते रहे,

हम वादे करते रहे, वो इंतजार करते रहे.

ये शराब है, शौक से कौन पीता है

कमबख्त, नाप कर कौन पीता है,

ये शराब है, शौक से कौन पीता है.

तुमने प्यार करने में

बहुत देर कर दी ..

हमने इकरार करने में, तुमने प्यार करने में.

दीवाने हो तुम पागल, ये बदली कह रही है

तेरी ओर चल पड़ा हूं,

कि बारिश हो रही है, दीवाने हो तुम पागल, ये बदली कह रही है.

बड़ा अच्छा तुम पढ़ती हो

बड़ा अच्छा मैं लिखता हूं,

बड़ा अच्छा तुम पढ़ती हो.

वो संभाल न सकी मुझे

कल ..

बिना बख्तर मिला था उसे, वो संभाल न सकी मुझे.

ले गया कोई मेरी मोहब्बत चुरा कर

मेरी दिलरुबा को अपना बता कर,

ले गया कोई मेरी मोहब्बत चुरा कर. - विशाल 'सरोज'

मैं दूर हूं तुमसे, तुम मुझसे दूर नही हो

मैं दूर हूं तुमसे,
तुम मुझसे दूर नही हो,

यहां के पेड़
तुम्हें जानते हैं,

यहां के पंछी
तुम्हारे गीत गाते हैं,

यहां की रेत ने
तुम्हें छुआ है,

यहां का दिन
तुम्हें याद करता है,

यहां की शाम
तुम्हारी बातें करती है,

यहां की रात
तुम्हारे किस्से सुनाती है,

तुम यहीं तो हो
मेरे पास,

मैं दूर हूं तुमसे,
तुम मुझसे दूर नही हो.

मंगलवार, 9 अगस्त 2022

ज़ीया था कोई ज़िन्दगी, लोग कहेंगे

क्या! मौत मारेगी, क्या! हम मरेंगे,
ज़ीया था कोई ज़िन्दगी, लोग कहेंगे.

फिर मौत को गले लगा लेंगे

सिकंदर सी फ़ितरत है अपनी,
कश्तियां किनारों पे जला देंगे,

या तो फ़तह हासिल करेंगे, या
फिर मौत को गले लगा लेंगे.

अभी हस्ती नई-नई है

तुम्हारे शहर में नए है,
अभी पहचान नई है,

मशहूर होंगे एक दिन,
अभी हस्ती नई-नई है.

किससे बिगड़ोगे जब हम नही होंगे

सुनो! यूं बात बात पर नहीं बिगड़ते,
किससे बिगड़ोगे जब हम नही होंगे.

तेरी इस तेज़ रफ़्तार की इंतहा कहां है

सोचता हूं सुकून के दो पल कहां है,
इस भागमभाग में ज़िन्दगी कहां है,

बचपन में मुकम्मल था यारों के संग,
इस भागमभाग में वो यारी कहां है,

कुछ छोड़ गए, कुछ छूट गए हमसे,
इस भागमभाग में ज़िंदगानी कहां है,

सोचता हूं शाम में अक्सर ऐ ज़िन्दगी!
तेरी इस तेज़ रफ़्तार की इंतहा कहां है.

तुम्हें देख कर

हैरत नहीं हुई,
तुम्हें देख कर.

शनिवार, 23 अप्रैल 2022

दर्द होता है पर इतना नहीं होता

फ़ासलों से इश्क़ कम नहीं होता,
दर्द होता है पर इतना नहीं होता.

हम मर भी न पाएंगे

अपना दर्द उस को,
हम न बता पाएंगे,

उसे देखे बिना, हम
मर भी न पाएंगे.

ज़िन्दगी मुस्कुराने लगी

देखो! तुम्हारे आने से,
दवा असर करने लगी,

देखो! एक बार फिर,
ज़िन्दगी मुस्कुराने लगी.

रविवार, 10 अप्रैल 2022

ये ऊँची इमारतें रास नही आतीं

वो टेढ़े-मेढ़े रास्तें भाते है मुझे,
ये सीधी सड़कें रास नही आतीं,

वो कच्चा घर याद आता है मुझे,
ये ऊँची इमारतें रास नही आतीं.

कि हम शरीफ हो गए

शुक्र मनाओ, कि
हम शरीफ हो गए.

पर इतना वक़्त कहां रहता है

तो आस पास रहता है,
सुना है बड़ा उदास रहता है,

सोचते है पूछेंगे हाल कभी,
पर इतना वक़्त कहां रहता है.

इतनी जल्दी भी क्या है

जी भर के देख ले उन्हें,
ऐ ज़िन्दगी! थोड़ा ठहर,
इतनी जल्दी भी क्या है,

ख़लल न हो ईबादत में,
ऐ दिल! आहिस्ते धड़क,
इतनी जल्दी भी क्या है,

थोड़ा रो ले, इश्क़ में है,
ऐ वक़्त! तुझे जाने की,
इतनी जल्दी भी क्या है.

सोमवार, 18 अक्टूबर 2021

आसमान अभी बाकी है

झाड़ी है धूल पंखों की,
परवाज़ अभी बाकी है,

नापी है थोड़ी सी ज़मीन,
आसमान अभी बाकी है.

जाने कबसे उनके इंतज़ार में है

ज़िन्दगी सुन!

ठहर ज़रा,
रास्तों को सहला दूं,
जाने कबसे उनके इंतज़ार में है.

मिन्नतों के बाद खुदा ने मिलाया था उसे

एक तन्हा शाम चाय पर देखा था उसे,
बड़ी चाहत भरी नजरों से देखा था उसे,

अफसोस आज फिर वही तन्हा शाम है,
मिन्नतों के बाद खुदा ने मिलाया था उसे.

बात भी नही करती वो

पहली बार देखा था,
चाय पर मिली थी वो,

आज कल नाराज़ है,
बात भी नही करती वो.

हमे उस की चाहत है

वो हमें देखती तो है,
इस बात की राहत है,

शहद सी मीठी है वो,
हमे उस की चाहत है.

अभी तो पूरा आसमान बाकी है

अभी तो चलना शुरू किया है,
अभी तो पूरा सफर बाकी है,

अभी तो आई है कश्ती समंदर में,
अभी तूफानों से टकराना बाकी है,

अभी तो बस खोले है पंख थोड़े,
अभी तो पूरा आसमान बाकी है.

मिलती है सच्ची मोहब्बत

हज़ारों में किसी एक को,
मिलती है सच्ची मोहब्बत.

वो तो कब का मर गया तुम्हारी खातिर

तुम्हें जाने दिया तुम्हारी खुशी की ख़ातिर,
ज़माने में बेवफ़ा हुए हम तुम्हारी खातिर,

वो जो था तुम्हारा आशिक़ हम में कहीं,
वो तो कब का मर गया तुम्हारी खातिर.

सोमवार, 11 अक्टूबर 2021

जो तुम हम से बात नही करते

इश्क़ करते हो, इज़हार नही करते,
याद करते हो, मुलाक़ात नही करते,

बताओ किस बात की सज़ा है ये,
जो तुम हम से बात नही करते.

मर भी जाए तो कोई आंख नम न होगी

हमारी अदाकारी की क्या मिसाल होगी,
बदनामी के किरदार में है, बदनामी होगी,

इस शिद्दत से कमाई है नफ़रत हम ने,
मर भी जाए तो कोई आंख नम न होगी.

लोग तालियां बजाते रहे

हम हक़ीक़त लिखते रहे,
लोग अफ़साना समझते रहे,

हम दर्द लिखते रहे,
लोग तालियां बजाते रहे.

शुक्रवार, 18 जून 2021

हासिल कर लोगे उनको

हम सजदा करे उनको,
हम प्यार करे उनको,

तुम हथेलियों की लकीरों से,
हासिल कर लोगे उनको.

किसी और के हिस्से लिख आया

आज मैं विरासत बांट आया,
मैं खुद को आधा बांट आया,

मैं अपने हिस्से की मेहनत,
किसी और के हिस्से लिख आया.

कोई ऐसे किसी को देखता है क्या

मेरे महबूब! मेरा क़त्ल तेरे सर है,
कोई ऐसे किसी को देखता है क्या.

हमारी हार का ज़िक्र ज़माने में पाओगे

तुम जीत कर भी भुला दिए जाओगे,
हमारी हार का ज़िक्र ज़माने में पाओगे.

कि बहुत दिखें है हम शामों में तुम्हारें साथ

आ ही जाता है तेरा नाम मेरे नाम के साथ,
कि बहुत दिखें है हम शामों में तुम्हारें साथ.

आते है

अलविदा नही कहूंगा,
आते है..
तुम चलो इतिहास के पन्नों में,
हम अपना किरदार निभा कर,
आते है..

अलविदा नही कहूंगा,
आते है..
खुश नही हूं,
दुखी हूं ऐसा भी नही है,
मन के भाव आंखों से झलक,
आते है..

अलविदा नही कहूंगा,
आते है..
तुम चलो इतिहास के पन्नों में,
हम अपना किरदार निभा कर,
आते है..

Poem dedicated to #allahabadbank
 🙏

ये ही हमारी हमराज़ है

माना बहुत बुरे है हम,
आप हम से नाराज़ है,

ये तन्हाई बस साथ है,
ये ही हमारी हमराज़ है.

मुझसे दूर है, पर तू मुझे अच्छा लगता है

आजकल तन्हाई में भी अच्छा लगता है,
मुझसे दूर है, पर तू मुझे अच्छा लगता है.

शनिवार, 5 जून 2021

वो नीचे अपनी ज़मी है

किस बात की कमी है,
आंखों में क्यों नमी है,

होगा आसमान उसका,
वो नीचे अपनी ज़मी है.

मेरे लिए ईबादत से कम नही

लब्ज़ दर लब्ज़ लिखना तुम्हें,
मेरे लिए ईबादत से कम नही.

ये लबों की लाली

पागल कर रही हैं,
तेरी आंखें काली,

मेंहदी की खुशबू,
ये लबों की लाली.

तुम में कुछ हम भी है

हम में कुछ तुम भी हो,
तुम में कुछ हम भी है.

ओ सजनी तेरे लिए

पागल है मेरा दिल,
ओ सजनी तेरे लिए.

गुरुवार, 3 जून 2021

मोहब्बत को पाक़ मानने वालों

ये तुम उर्दू को जानने वालों,
ग़ालिब, तक़ी को मानने वालों,

ये तुम मिरे सूफ़ी कुछ कहो तो,
मोहब्बत को पाक़ मानने वालों.

तब साथ निभाऊंगा, इश्क़ हूं

समझ नही आऊंगा, इश्क़ हूं,
दूर चला जाऊंगा, इश्क़ हूं,

जब तन्हा होगे यार के बिन,
तब साथ निभाऊंगा, इश्क़ हूं.

तुम मधुर संगीत सी हो

तुम मेरे मीत सी हो,
तुम मेरे गीत सी हो,

आवाज़ों के जंगल में,
तुम मधुर संगीत सी हो.

इश्क़ के सिवा कुछ करने नही देता

तेरा इश्क़ मुझे जीने नही देता,
ये सावन मुझे मरने नही देता,

करू भी तो करू क्या, ये मेरा दिल
इश्क़ के सिवा कुछ करने नही देता.

नया देखता हूं

इश्क़ में हूं, तुझमें
ख़ुदा देखता हूं,

हर बार तुझे, मैं
नया देखता हूं.

बुधवार, 2 जून 2021

खुद में मशगूल रहते है ये इश्क़ वाले

कितनी दूर रहते है ये इश्क़ वाले,
कितने मगरूर होते है ये इश्क़ वाले,

तुम दुनियादारी इन से नही पूछो,
खुद में मशगूल रहते है ये इश्क़ वाले.

पर बड़े खूबसूरत होते है कुछ रास्ते

हम कभी नही छोड़ते है कुछ रास्ते,
तन्हाई में भी साथ होते है कुछ रास्ते,

हमे मालूम था तुम साथ नहि दोगे,
पर बड़े खूबसूरत होते है कुछ रास्ते.

अनंत है इच्छायें

न पूरा आसमाँ
ही मिला किसी को,
न पूरी ही हुई
किसी की इच्छायें,

पर फिर भी उड़ना
कहाँ मना है, ये
आसमाँ अनंत है,
अनंत है इच्छायें.

एक ज़मीं मेरी भी है

छोड़ गया वो मुझे तो,
कुछ कमी मेरी भी है,

है तिरा पूरा आस्मां,
एक ज़मीं मेरी भी है.

हम बेवफाओं के शहर में है

एक और दिल की ज़रूरत है,
हम बेवफाओं के शहर में है.

सोमवार, 31 मई 2021

एक दफ़ा आप इन्हें गले लगा लीजिए

राहों की दुश्वारियों का क्या कीजिए,
इन अंधेरी तन्हा रातों का क्या कीजिए,

इन्हें कभी कोई भी गले नही लगाता,
एक दफ़ा आप इन्हें गले लगा लीजिए.

तूफ़ां एक अंदर है

कश्ती है समंदर है,
तूफ़ां एक अंदर है.

साजन के आने पे

ऐसे निखरी है धरा
सावन के आने पे,

जैसे सजी हो प्रेयसी
साजन के आने पे.

नमन है सभी विधाओं को


नमन सभी पुरोधाओं को,
नमन है सभी विधाओं को.

सावन सावन

उनकी चितवन,
देख मेरा मन,

आज हुआ है,
सावन सावन.

रविवार, 30 मई 2021

जो तुम्हें पालती है

एक गुरु ज़िन्दगी है,
जो तुम्हें संवारती है,

एक गुरु प्रकृति है,
जो तुम्हें पालती है.

फिर कभी वैसे वो मिला नही

छोड़ने आया था वो एक बार,
फिर कभी वैसे वो मिला नही.

तुम क्या जीतोगे मुझसे

मैं क्या लड़ूंगा, और
तुम क्या जीतोगे मुझसे.

सबकुछ तेरा है

ये अहद मेरा है,
ये संघर्ष मेरा है,

तू उठ खड़ा हो,
सबकुछ तेरा है.

किस सड़क पर

वो खड़ी थी दूर वहां,
उस सड़क पर,
मैं दे न सका ख़त,
जिस सड़क पर,

कोई निशानी होती गर उसकी,
जी ही लेते,
वो मुझे न जाने मिलेगी,
किस सड़क पर.

शुक्रवार, 28 मई 2021

अब ख़्वाब हो गए

कभी जो हासिल थे,
अब ख़्वाब हो गए.

आसां नही है महादेव होना

सती के लिए शिव होना,
आसां नही है महादेव होना.

कितने गिर गए हम

जबसे मर गए हम,
रुसवा कर गए हम,

ज़माने की नज़र में,
कितने गिर गए हम.

तेरे चले जाने से

मेरे आ जाने से,
तेरे उकसाने से,

कुछ नहीं होता,
तेरे चले जाने से.

तेरे होने का

तुझे खोने का,
तुझे पाने का,

वो एहसास,
तेरे होने का.

कभी मैं इंसान हो जाता हूं

कभी मैं हैरान हो जाता हूं,
कभी परेशान हो जाता हूं,

देखकर मजबूरी किसी की,
कभी मैं इंसान हो जाता हूं.

इंसान बन जाता हूं

बेवकूफ़ हूं मैं, कभी
इंसान बन जाता हूं.

मैं किसी का साज़ बन जाता हूं

किसी की आवाज़ बन जाता हूं,
मैं किसी का साज़ बन जाता हूं.

किसी हुनर से तो तोड़ो मुझे

अकेला ही हूं आजमाइश में,
किसी हुनर से तो तोड़ो मुझे.

गुरुवार, 27 मई 2021

कभी मैं भी तुमसे डरना चाहता हूं

पता नही मैं क्या करना चाहता हूं,
उसूलों के खातिर मरना चाहता हूं,

आखिर कबतक जिंदा रखोगे मुझे,
कभी मैं भी तुमसे डरना चाहता हूं.

कट रहे है बेख़बरी में दिन हमारे

जीते है बेक़दरी में बिन तुम्हारे,
खस्ता है मेरे हाल बिन तुम्हारे,

कोई आता नही इधर आज कल,
कट रहे है बेख़बरी में दिन हमारे.

सूरत तेरी

याद आती है
गौर करने पर
सूरत तेरी

इश्क़ में रात

रात न हुई
दुश्मन हुई कोई
इश्क़ में रात

इश्क़ में रात

रात न हुई
दुश्मन हुई कोई
इश्क़ में रात

क्या गुनाह है

इबादत में
तेरी याद आती है
क्या गुनाह है

इश्क़ में हमें

मिली थी तुम
वैसे कोई न मिला
इश्क़ में हमें

लाजवाब है

अंदाज़ तेरे
लिखने का और है
लाजवाब है

तेरे इश्क़ में

हुआ है फिर
मेरा दिल बंजारा
तेरे इश्क़ में

बुधवार, 26 मई 2021

हूर हो क्या

ये बतलाओ
सुंदर हो बहुत
हूर हो क्या

मैं डूबा जहां

कस्ती थी वहां
समंदर किनारे
मैं डूबा जहां

वो मेरा नही

मैं पागल हूं
जिसकी चाहत में
वो मेरा नही

मैं, मैं न रहा

कुछ हुआ यूं
तेरे जाने के बाद
मैं, मैं न रहा