विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
महफ़िल
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
महफ़िल
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
शुक्रवार, 14 मई 2021
ये जमाना हम से है
महफ़िलों के हम नही कायल,
शमा की रौनकें हम से है.
हम इस ज़माने के नही,
ये जमाना हम से है.
सोमवार, 26 अप्रैल 2021
तेरे चाहने वाले बाकी सारे होंगे
चांद होगा, सितारें होंगे,
महफ़िल में दोस्त सारे होंगे,
एक हमी न होंगे वहां,
तेरे चाहने वाले बाकी सारे होंगे.
पुराने पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
संदेश (Atom)