विशाल_सरोज
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गुरुवार, 22 अप्रैल 2021
इश्क़ में कहां कोई सोता है
इश्क़ बेवजह होता है, तभी तो,
आसमां ज़मीं के लिए रोता है,
कहते हो ख्वाबो में आओगे,
इश्क़ में कहां कोई सोता है.
मंगलवार, 20 अप्रैल 2021
तू ही गुमां
मैं जमीं, तू आसमां,
मैं पतझड़, तू समां,
है तू ही मेरा यकीं,
तू ही मेरा गुमां.
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