विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
खुशबू
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शनिवार, 5 जून 2021
ये लबों की लाली
पागल कर रही हैं,
तेरी आंखें काली,
मेंहदी की खुशबू,
ये लबों की लाली.
सोमवार, 17 मई 2021
महसूस कर लेता हूं तुझे
वो तेरा ख़त मेरे नाम,
तेरी खुशबू से महकता,
कभी मिला था मुझे,
संभाल कर रखा है,
अकेले में छू लेता हूं,
महसूस कर लेता हूं तुझे.
शुक्रवार, 30 अप्रैल 2021
ऐ मेरे बुजुर्ग गांव
ऐ मेरे बुजुर्ग गांव,
तेरे अलाव की वो कहानियां,
तेरी नदियों में वो नहाना,
तेरे खेतो की वो फसले,
तेरे साथ मेरा वो बचपन,
तेरी मिट्टी की वो खुशबू,
मुझे हरदम याद आती है,
ऐ मेरे बुजुर्ग गांव.
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