विशाल_सरोज
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सजा
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गुरुवार, 29 अप्रैल 2021
सजा ये आसमानी लगती है
ज़िन्दगी बेमानी लगती है,
झूठी हर कहानी लगती है,
कैद इंसा, आज़ाद परिंदे,
सजा ये आसमानी लगती है.
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