विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
दर्द
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दर्द
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शनिवार, 23 अप्रैल 2022
दर्द होता है पर इतना नहीं होता
फ़ासलों से इश्क़ कम नहीं होता,
दर्द होता है पर इतना नहीं होता.
हम मर भी न पाएंगे
अपना दर्द उस को,
हम न बता पाएंगे,
उसे देखे बिना, हम
मर भी न पाएंगे.
सोमवार, 11 अक्टूबर 2021
लोग तालियां बजाते रहे
हम हक़ीक़त लिखते रहे,
लोग अफ़साना समझते रहे,
हम दर्द लिखते रहे,
लोग तालियां बजाते रहे.
सोमवार, 24 मई 2021
पेडों के हिस्से में ये मुकाम नही आता
पेड़ क्या जाने डाल से टूटे पत्ते का दर्द,
पेडों के हिस्से में ये मुकाम नही आता.
रविवार, 23 मई 2021
इश्क़ में इश्क़ कर बैठे रात के साथ
तेरी याद गहराती है रात के साथ,
दर्द बढ़ता जाता है रात के साथ,
मुझे सख्त नपसंद थी रात, पर तेरे
इश्क़ में इश्क़ कर बैठे रात के साथ.
गुरुवार, 20 मई 2021
दर्द भी नही होता
पहले होता था, अब
दर्द भी नही होता.
सोमवार, 17 मई 2021
नही कोई दर्द मेरे दर्द सा
न कोई हमसफर दर्द सा,
न कोई वफादार दर्द सा,
इश्क़ में कई दर्द हैं, पर,
नही कोई दर्द मेरे दर्द सा.
रविवार, 16 मई 2021
उन्हें खामोशी में पीना पड़ता है
इश्क़ में कौन मरने से डरता है,
दुनिया के लिए जीना पड़ता है,
कुछ दर्द आंसूयों में नही बहते,
उन्हें खामोशी में पीना पड़ता है.
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