विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
कायनात
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
कायनात
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
बुधवार, 28 अप्रैल 2021
कायनात जी उठी
नदियां जी उठी,
आसमां जी उठा,
पंछी, हवा और,
दरख़्त जी उठे,
इंसां क्या रुका,
कायनात जी उठी.
पुराने पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
संदेश (Atom)