विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
तमन्ना
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सोमवार, 24 मई 2021
कुछ घाव दिखाने है
मेरी हमनवा, मेरी तमन्ना,
किसी शाम साथ बैठो,
कुछ राज बताने है,
कुछ घाव दिखाने है.
गुरुवार, 22 अप्रैल 2021
बस गीत तेरे ही गाऊ मैं
तुझे ओढ़ कर सो जाऊ मैं,
तेरे सपनों में खो जाऊ मैं,
है अब यही दिल की तमन्ना,
बस गीत तेरे ही गाऊ मैं.
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