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रविवार, 10 अप्रैल 2022

इतनी जल्दी भी क्या है

जी भर के देख ले उन्हें,
ऐ ज़िन्दगी! थोड़ा ठहर,
इतनी जल्दी भी क्या है,

ख़लल न हो ईबादत में,
ऐ दिल! आहिस्ते धड़क,
इतनी जल्दी भी क्या है,

थोड़ा रो ले, इश्क़ में है,
ऐ वक़्त! तुझे जाने की,
इतनी जल्दी भी क्या है.

सोमवार, 11 अक्टूबर 2021

जो तुम हम से बात नही करते

इश्क़ करते हो, इज़हार नही करते,
याद करते हो, मुलाक़ात नही करते,

बताओ किस बात की सज़ा है ये,
जो तुम हम से बात नही करते.

गुरुवार, 3 जून 2021

मोहब्बत को पाक़ मानने वालों

ये तुम उर्दू को जानने वालों,
ग़ालिब, तक़ी को मानने वालों,

ये तुम मिरे सूफ़ी कुछ कहो तो,
मोहब्बत को पाक़ मानने वालों.

तब साथ निभाऊंगा, इश्क़ हूं

समझ नही आऊंगा, इश्क़ हूं,
दूर चला जाऊंगा, इश्क़ हूं,

जब तन्हा होगे यार के बिन,
तब साथ निभाऊंगा, इश्क़ हूं.

इश्क़ के सिवा कुछ करने नही देता

तेरा इश्क़ मुझे जीने नही देता,
ये सावन मुझे मरने नही देता,

करू भी तो करू क्या, ये मेरा दिल
इश्क़ के सिवा कुछ करने नही देता.

नया देखता हूं

इश्क़ में हूं, तुझमें
ख़ुदा देखता हूं,

हर बार तुझे, मैं
नया देखता हूं.

बुधवार, 2 जून 2021

खुद में मशगूल रहते है ये इश्क़ वाले

कितनी दूर रहते है ये इश्क़ वाले,
कितने मगरूर होते है ये इश्क़ वाले,

तुम दुनियादारी इन से नही पूछो,
खुद में मशगूल रहते है ये इश्क़ वाले.

गुरुवार, 27 मई 2021

कट रहे है बेख़बरी में दिन हमारे

जीते है बेक़दरी में बिन तुम्हारे,
खस्ता है मेरे हाल बिन तुम्हारे,

कोई आता नही इधर आज कल,
कट रहे है बेख़बरी में दिन हमारे.

क्या गुनाह है

इबादत में
तेरी याद आती है
क्या गुनाह है

इश्क़ में हमें

मिली थी तुम
वैसे कोई न मिला
इश्क़ में हमें

तेरे इश्क़ में

हुआ है फिर
मेरा दिल बंजारा
तेरे इश्क़ में

रविवार, 23 मई 2021

या फ़ना हो जाते है

इश्क़ में दीवानें बेहद
खूबसूरत हो जाते है,

या खुदा हो जाते है,
या फ़ना हो जाते है.

धङकन साज़

इश्क़ गीत है,
धङकन साज़.

त्याग मांगता है

इश्क़ समर्पण है,
त्याग मांगता है.

तपना पड़ता है

इश्क़ इबादत है,
तपना पड़ता है.

इश्क़ में इश्क़ कर बैठे रात के साथ

तेरी याद गहराती है रात के साथ,
दर्द बढ़ता जाता है रात के साथ,

मुझे सख्त नपसंद थी रात, पर तेरे
इश्क़ में इश्क़ कर बैठे रात के साथ.