विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
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शुक्रवार, 18 जून 2021
किसी और के हिस्से लिख आया
आज मैं विरासत बांट आया,
मैं खुद को आधा बांट आया,
मैं अपने हिस्से की मेहनत,
किसी और के हिस्से लिख आया.
सोमवार, 10 मई 2021
परत दर परत
रात के सूनेपन में
खुद से मिलता हूं,
उघाड़ता हूं खुद को
परत दर परत .. ..
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