विशाल_सरोज
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वफ़ा
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गुरुवार, 6 मई 2021
इस जहां में अब वफ़ा नही रही
शायद मर कर ही मिलेगा पुरसुकून मुझको,
इस जहां में अब वफ़ा नही रही.
बुधवार, 28 अप्रैल 2021
चला भी दे तीर मुझ पर
कितना यकीन था तुझ पर,
तेरी वफ़ा उधार है मुझ पर,
कि कमान तेरे हाथ में है,
चला भी दे तीर मुझ पर.
मंगलवार, 20 अप्रैल 2021
हम बेवफा हो, ऐसा तो नही
तुझ से इश्क़ नही, ऐसा तो नही,
तेरी परवाह नही, ऐसा तो नही,
फिर क्यों ज़िंदा है, तेरे बगैर
हम बेवफा हो, ऐसा तो नही.
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