विशाल_सरोज
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यकीं
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मंगलवार, 20 अप्रैल 2021
तू ही गुमां
मैं जमीं, तू आसमां,
मैं पतझड़, तू समां,
है तू ही मेरा यकीं,
तू ही मेरा गुमां.
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