गुरुवार, 29 अप्रैल 2021

मेरी होतीं मेरी रातें

भरी शरारत करती बातें,
गहरी नीली तेरी आंखें,

बेहतर होता ना होती ग़र,
मेरी होतीं मेरी रातें.

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