विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
बुधवार, 28 अप्रैल 2021
सदा मेरी हो कर रहना
अपनी ही धुन में बहना,
कभी मां, कभी प्रेयसी होना,
कैसे रहू तुझसे दूर मैं,
सदा मेरी हो कर रहना.
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