विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
बुधवार, 28 अप्रैल 2021
कि नींद भी नही आती … तेरे बिना
ये नही कि,
रह नही सकते … तेरे बिना,
पर कुछ छूटा सा है … तेरे बिना,
ख्वाब भी कोई क्या देखें,
कि नींद भी नही आती … तेरे बिना.
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