मंगलवार, 20 अप्रैल 2021

गरम चाय सी तुम

कुछ खोई सी तुम,
कुछ जागी सी तुम,

सुबह की ठंडक में,
गरम चाय सी तुम.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें