विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
शुक्रवार, 30 अप्रैल 2021
कि कोई अच्छा कहे तो बुरा लग जाता है
अपनी बदनामी से इस कदर प्यार है हमें,
कि कोई अच्छा कहे तो बुरा लग जाता है.
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