विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
गुरुवार, 6 मई 2021
वो टापू पर एक पेड़ मेरा दोस्त है
वो टापू पर एक पेड़ मेरा दोस्त है,
रहा नही कोई संगी-साथी उसका,
शायद हमने ही घर अपना बनाने,
उजाड़ा फला-फुला कुनबा उसका,
वो टापू पर एक पेड़ मेरा दोस्त है.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें