विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
गुरुवार, 20 मई 2021
कमाल करती हो
ये जो तुम आंखों
से बात करती हो,
कमाल करती हो.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें