विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
सोमवार, 17 मई 2021
नही कोई दर्द मेरे दर्द सा
न कोई हमसफर दर्द सा,
न कोई वफादार दर्द सा,
इश्क़ में कई दर्द हैं, पर,
नही कोई दर्द मेरे दर्द सा.
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